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परीक्षा पे चर्चा : विफलता में ही सफलता की शिक्षा देते हिये मोदी जी ने जाने और क्या क्या कहाँ


परीक्षा पे चर्चा :मोदी जी का कहना  विफलता में ही सफलता :::-----


प्रधानमंत्रीी जी आज यानी सोमवार {२० जनवरी } को तालकटोरा स्टेडियम में छात्रों संघ चर्चा किया |  उन्होंने इसे बीच विफलता में ही सफलता है की शिक्षा दिया | उनका कहना था की अगर हम अपनी विफलता के डर से उस काम को करना ही छोड़ दे तो उसमे कहाँ हमारी सफलता है | बल्कि हमें उस विफलता का संघर्ष करते हुए आगे  बढ़ना चाहिए | किये हुए सकल्प को  कभी नहीं हारना चाहिए | जब भी हम विफल होते है तो हमें कुछ ना कुछ सिखने को जरूर मिलता है |  इस विश्व भर में जितने भी सक्सेसफुल लोग है वो ऐसे ही नहीं बने है सक्सेसफुल , वो भी विफल हुए है और उसी विफलता से कुछ ना कुछ सिख के आगे बड़े है |  उन्होंने और भी बहुत सारे उदाहरण दिए है इसके बारे में |  और मेरा मानना भी यही है हमें कभी भी विफल होने पार उस काम को नहीं  छोड़ना चाहिए बल्कि कोई भी काम सुरु करने से पहले सकल्प करना चाहिये | और जब संकल्प कर लिया तो उस संकल्प को किये बिना पीछे नहीं हटना चाहिए |  


 

२. अपने जीवन को  रोबॉट मत बनाओ :--

हमें अपने जीवन में एक्स्ट्रा एक्टिवटी करना चाहिए | नहीं तो रोबॉट बनकर रह जाएंगे | अगर हम कुछ टाइम निकाल कर कुछ अलग करे तो हमारा  सरीर और माइंड इनर्जेटीवे रहता है और हमें रटने की आदत को छोड़ना पड़ेगा | क्युकी आप में से बहुत सारे लोगो ने ये जरूर सुना होगा की {रटन्ती विद्या फलन्ति ना} हालांकि ये सलोक संस्कृत का है | लेकिन इसका मतलब साफ़ ही है की रटने वाली विद्या कभी फलती नहीं है | और साथ में उन्होंने बच्चो को  कुछ टाइम निकल कर एक्सट्रा चीजे जरूर करना चाहिए | 


३. सिर्फ परीक्षा में पास मात्र ही जिंदगी नहीं है ---


नरेंद्र मोदी जी कहते है की सिर्फ परीक्षा में पास मात्र से ही जिंदगी  नहीं बनायीं जा सकती | आज वर्तमान समय की बात करे तो सिर्फ परीक्षा में सफल अंक लाके उसके जिंदगी का फैसला नहीं किया जा सकता है क्युकी अलग व्यक्ति की अलग अलग जरूरते और साथ में उसका मन भी अलग ही चाहता है | क्युकी बहुत बार यह देखा गया है की व्यक्ति का मन किसी अन्य चीजों में होता है  और वो कोई दूसरा ही काम करता है | इसलिए जरूरी है की हमें जिस चीज में मन लगे वही काम करना चाहिए | बहुत लोग ऐसा सोचते है की फलाने फिल्ड में अच्छी सेलरी है।   वो व्यक्ति उसमे चले जाता है | और उसमे वह निकल भी जाता है लेकिन अगर उसे उसमे  मन ही नहीं लगे तो आगे जाके  वह काम सही से नहीं कर  पायेगा इसलिए जरूरी है की आदमी को जिस फिल्ड  में मन  लगे वही काम  करना चाहिए | 
 

४. माता पिता से निवेदन करते हुए कहाँ-- 

मोदी जी ने बच्चो के माता पिता से निवेदन किया की आप अपने बचचो  के कॅरिअर को लेके खुद बच्चो के इच्छा के अनुसार ही आगे बढ़ने दिया जाय क्युकी ऐसा देखा गया है की बच्चे टीचर बनना चाहते है और उनके माता  पिता उन्हें डॉक्टर बनाने की जीद कर बैठते है | अगर बच्चो का मन किसी और में  है और माता पिता कुछ और बनाना चाहते है तो मुझे नहीं लगता की वो कुछ बन पाएंगे।  इसलिए बच्चो को अपने भविस्य को खुद चुनने की आजादी दी जाय | कही ऐसा ना होकि अपने सपने के लिए  बच्चो  के  भविस्य  को बर्बाद करके रख दे | 

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